BA PT Yr 1 – Class 2 & 3 : पृष्ठभूमि

BA PT Yr 1 / Mauritian Hindi Literature

शनिवार 24 सितम्बर 2011. (12.30 – 15.30)

आपका पुन: स्वागत है.

आज हमारी कक्षा विधिवत रूप से आरंभ हुई. आज की कक्षा दो हिस्सों में प्रस्तुत की गई –

  1. मॉरीशसीय हिंदी साहित्य के उद्भव व विकास की पृष्ठभूमि
  2. जय जीऊत कृत “क्षुद्रताएँ” कहानी के आलोचना

यह समझाया गया कि किन स्थितियों में मॉरीशस में भारतीय आप्रवासियों का आगमन हुआ. आप्रवासी घाट से लेकर आधुनिक संदर्भ की मुख्य ऐतिहासिक परिस्थितियों का आकलन किया गया. स्थानीय हिंदी साहित्य के प्रेरणा तत्वों में 1901 में गाँधी जी का आगमन और उनके द्वारा दिए गए 3 मुख्य संदेश – भारतीय आप्रवासियों की संतानों को शिक्षित कराना, उन्हें राजनीति में प्रवेश दिलाना और संगठन का सुदृढ़ीकरण – अहम महत्व रखते हैं.

इसके बाद मणिलाल डॉक्टर का आगमन और प्रथम हिंदी समाचार पत्र का आरंभ (“हिंदुस्तानी”), फिर आर्यवीर, सनातन धर्मांक, जागृति, जनता आदि समाचार पत्रों द्वारा पत्रकारिता का विकास – ये भी साहित्यकारों के एक वर्ग को पनपने के लिए प्रेरित करते हैं. इसी संदर्भ में “दुर्गा” हस्तलिखित पत्रिका की भी भूमिका पर बल दिया गया.

मॉरीशसीय हिंदी कहानी-साहित्य के काल विभाजन को भी निर्धारित करते हुए हरेक काल की मुख्य प्रवृत्तियाँ भी बताई गई.

लेक्चर के दूसरे भाग में ‘क्षुद्रताएँ” कहानी के शीर्षक की सार्थकता रखी गई. मॉरीशस के संदर्भ में भी इसे समझने-समझाने का प्रयास किया गया.

कहानी की भी सामान्य आलोचना की गई.

आपसे आग्रह है कि अगली बार आप कहानी पढ़कर आएँ .. विशेषकर – दिशा और कृति.

अगली बार “चक्कर” (महेश रामजीयावन द्वारा रचित) का प्रस्तुतीकरण होगा, अंत: पूरी तैयारी के साथ ही आना है.

About Vinaye Goodary
senior lecturer in Hindi at the Mahatma Gandhi Institute, moka, mauritius. innovative in teaching using ICT, blogs and multimedia resources. interest in arts, culture, history and literature. शेष तो मैं ही मैं हूँ... स्वागत है.

4 Responses to BA PT Yr 1 – Class 2 & 3 : पृष्ठभूमि

  1. disha luchun says:

    नम्स्ते गुरुजी,
    पहले तो मैं आप से क्षमा माँगना चाह्ती हूँ, मैं ने कहानी का पठन नहीं किया था, पर्ंतु अगली बार मैं पढ़ कर आऊँगी, आइन्दा से शिकायत का मौका नहीं दूँगी.
    शनिवार की कक्षा बहुत ही दिलजस्ब रही, हालाकि मैं ने कहानी का पठन नहीं किया, पर जो कुछ आप ने समझाया, मुझे समझ में आया…समझने में उतनी कठिनाई नहीं हुई…. अभी तो पराजय कहानी पर काम हो रही है…..

  2. prema says:

    नमस्ते गुरुजी
    आप के साथ इतने सलो तक काम किया पर इस शनिवार की कशा बहुत ही दिल्चस्प थी. खास्कर के जिस विस्शय पर चर्चा हुइ.

  3. siddhi says:

    नमस्ते गुरुजी
    मैं आपसे क्षमा माँगती हूँ कि मैं आपका comments भेज नहीं पा रही थी इसी लिए मैं ने आप को मेल भेजा था . pwerpoint का प्रयोग कर के आपने पढ़ाई में नवीनतम लाया और उस दिन हमने माँरीशसीय साहित्य की पृष्ठभूमि पर कार्य किए थे और आपने क्षद्रताएँ कहानी आरम्भ भी की थी

  4. Navelee says:

    नमस्ते गुरुजी
    मुझे पहले इन्तेर्नेट से हिंदी दाव्लोद करने के बारे मे पता नहीं था।लेकिन आज अच्छी तरह से प्रयोग कर रही हूँ । मेरे कम्प्युटर मे खराबी थी जो अब ठीक हो गयी है ।मैं आपके कार्य करने की कोशिश करूँगी ।आपसे बहूत कुछ सिखने को मिल रहा हैं।
    धन्यवाद

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