BA PT Yr1 – Class 4 & 5 : क्षुद्रताएँ (व्याख्या & विश्लेषण)

Saturday 01 Oct 2011, BA PT Yr 1, Mauritian Hindi Literature.

सभी को नमस्कार.

 

 

 

 

 

 

 

 

 

आज की कक्षा में “चक्कर” कहानी पर प्रस्तुतीकरण होने वाला था परंतु तैयारी न हो पाने की वजह से नहीं हो पाया. आपसे आग्रह है कि भविष्य में MIS का पालन करते हुए, निर्धारित तिथियों पर तैयारी के साथ आएँ. इस बार क्षम्य है, दुबारा नहीं. तो, कृपया इस दिशा में ध्यान दें.

दूसरी बात, अगले सप्ताह से सभी तैयारी के साथ  व कहानियाँ पढ़कर कक्षा में आने की कृपा करें. यह न सोचें कि सारी तैयारी शिक्षक की ही ओर से होगी. आपके सहयोग के बिना यह काम अधूरा है.

आज की क्लास  में, मॉरीशस हिंदी साहित्य के उद्भव के कुछ अन्य कारणों का विश्लेषण किया गया.

आगे, कहानियों के काल-विभाजन पर विचार करते हुए तीनों कालों की मूल कथात्मक प्रवृत्तियों को भी सामने रखी गईं. आरंभिक काल में अपरिपक्वता, कथा-वैविध्य का अभाव, धार्मिकता व उपदेशात्मकता आदि .. मध्यकाल में कथा-संगठन, पात्रों का मनोविज्ञान, शैली में वैविध्य आदि और आधुनिक काल में समाकालीन समस्याओं का चित्रण, नए शिल्पगत प्रयोग, तकनीक आदि पर चर्चा की गई.

कक्षा के दूसरे भाग में हमने जया जीऊत द्वारा रचित “क्षुद्रताएँ’ कहानी का व्याख्यात्मक अध्ययन किया. कुछ मूल अंशों की व्याख्या करते हुए, कतिपय समस्याओं का भी  विश्लेषण किया गया. जाति-विभेदीकरण, धार्मिकता पर प्रश्न-चिह्न, कलात्मकता और प्रतिभा, शिक्षा और साक्षरता पर सवाल, गौतम नामक पात्र का मनोवैज्ञानिक अध्ययन, शिल्प और भाषा प्रयोग, भावानुकूल, प्रसंगानुकूल प्रयोग आदि…कुछ ऐसे मुख्य मुद्दे रहे जिनपर प्रकाश  डाला गया.

शेष, आप से आग्रह है कि कक्षा में दिए गए बिंदुओं के आधार  पर  आप अपनी ओर से परीक्षा की दृष्टि से अधिक तैयारी करें, कहानी का विश्लेषण अपने ढ़ंग से करें.

धन्यवाद,

NB: PRESENTATION ON “CHAKKAR” SHORT STORY IN OUR NEXT CLASS. WHOLE CLASS, PLEASE COME PREPARED.

शुभम्

विनय

About Vinaye Goodary
senior lecturer in Hindi at the Mahatma Gandhi Institute, moka, mauritius. innovative in teaching using ICT, blogs and multimedia resources. interest in arts, culture, history and literature. शेष तो मैं ही मैं हूँ... स्वागत है.

6 Responses to BA PT Yr1 – Class 4 & 5 : क्षुद्रताएँ (व्याख्या & विश्लेषण)

  1. siddhi says:

    नमस्ते गुरुजी
    मैं आपसे क्षमा माँगती हूँ कि आज हम ने प्रतुतीकराण नहीं दी क्योंकि मैं ने सोचा कि आप आपना कार्य जारी रखेंगे और हमारे कारण आपके कार्य में देरी हो रही है
    इस सताह हम पूरी तैयारी से आएँगे
    इस सप्ताह आपकी कक्षा बहुत ही दिलचस्प थी आपने क्षुद्रताएँ कहानी को इस प्रकार समझाया कि मैं इस कहानी को अच्छी तरह से समझ ली और मैं सोचती कि मैं इस पर कोई भी प्रश्न को कर पाउँगी

  2. disha luchun says:

    नमस्ते गुरुजी,
    कक्षा के पह्ले भाग में आप ने जो कुछ समझाया, ह्में समझ में आया। परंतु जैसा कि आप कहते हैं कि ह्में इस से अतिरिक्त अध्ययन करना चाहिए ताकि ह्में इन विषयों पर अधिक ज्ञान प्राप्त हो सके, ह्में ऐसा ही करना चाहिए क्योंकि ह्में लगता है कि यह आवश्य्क है।

    पह्ले तो केवल भारतीय कहानियों व क्विताओं पठन हो रहा था, पर्ंतु अब मोरीशसीय हिन्दी साहित्य का अध्ययन करने के पश्चात यह ज्ञात होता है कि ह्म जिस देश में रह्ते हैं, उसके साहित्य के बारे पर जानकारी प्राप्त करना कित्ना मह्त्वपूर्ण है।

    Hinduism में कुछ जानकारियाँ प्राप्त हुइ थीं, परंतु पूर्ण रूप से नहीं। जो भी कक्षाएँ हुईं हैं, उससे ह्में जो कुछ सिखने को मिला, वे ह्मारे लिए अधिक लाभदायक सिद्ध हुआ है। आगे भी जो सिखेंगे, वह भी लाभदायक और रूचीपूर्ण होगा, ऐसी ह्मारी आशा है।

    धन्यवाद….

    दिशा लच्छ्न ।
    🙂

  3. sarika says:

    नमस्ते गुरुजि पि‍छ्ले सप्ताह की कक्ष से हमे बहत कुछ जानकारियाँ प्राप्त हुइ. The class was very lively and hope that everyone enjoy it. Trying to type in hindi but have to learn more about the keys it’s not same as for devnagri hope you’re not angry. Kher me already read the kahani “chakkar” and think me much concern with it.

    Namaste.

  4. teena caumul says:

    नमस्ते गुरुजी
    मै क्शमाचाह्ती हू कि तैयारी ना हो पायी. कल कशा मे हम च्क्क्र्र कहनीके साथ आयैंगे.
    with practice i’ll learn the typing in hindi. your shudratayein class was well delivered and well understood by us. thank you.

  5. sarika says:

    नमस्ते गुरुजी
    इस सप्ताह च्क्क्र्र कहनी की प्रतुतीकराण से हमे बहत कुछ जानकारियाँ प्राप्त हुई.
    सिद्दि आर कोमल का काम बहुत अच्चा
    i congratulate you both and best of luck to naveli and deesha for next week presentation.

  6. prema says:

    नमस्ते गुरुजी
    जो प्यार से थप्पर आप ने दिया था उस का निशान अब तक हे. इस सप्ताह चाक्कर कहानी की प्रास्तुतिकरण बहुत ही रोचक था. मेरी तरफ़ से तीना और सीधी को बधाइ.उन्होने पुरी काहनी को स्पश्त रुप से हमारे सामने प्रस्तुत किया.कहानी का पूरा पथन नही किया था पर उन के समझाने पर पूरी कहानी समझ मे आ गयी.

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