BA PT Yr 1: Lecture 8 – “चक्कर” कहानी का विश्लेषण + व्याख्या

Saturday 15 October 2011, 13.30 – 15.00, BA PT yr 1, Mauritian Hindi Literature

नमस्कार मित्रो,

आप लोगों के धैर्य व साहस के लिए आपको बधाई कहना था.

आज की कक्षा में हमने ‘चक्कर’ कहानी के शीर्षक  की सार्थकता पर चर्चा की. साथ ही कहानी का विश्लेषण किया गया. और कहानी की व्याख्या  की गई.

शीर्षक का विश्लेषण करते हुए तीन  स्थितियों को आपके सामने रखी गईं.

  1. यथार्थ या वास्तविक स्थिति (आर्थात चक्कर की स्थिति)
  2. इस स्थिति के कारण (इसकी उत्पत्ति में)
  3. इसके परिणाम
आप लोगों को विस्तार से इसके बारे में समझाया गया. शायद इसी प्रणाली के सहयोग से आप शीर्षकों का विश्लेषण कर सकते हैं.
शिवचरण के साथ प्रशासन संबंधी चक्कर उसे परेशान करता है, उसे घुटन होता है, यातना, पीड़ा आदि से वह त्रस्त होता है. इसकी वजह है व्यवस्था जिसमें भ्रष्टाचार, लापरवाही एवं अकर्मण्यता ने स्थान ग्रहण कर लिया. ऐसे में साधारण लोगों को इस प्रकार की परेशानियाँ झेलनी पड़ती है.
यह कहानी अनेक प्रश्न उठाती है. चिकित्सा व्यवस्था में सुधार की मांग करने वाली यह कहानी मूलत: व्यंग्यात्मक शैली में लिखी गई है जिसमें अनेक दृश्यों के माध्य्म से मुख्य पात्र की यातनाओं को अनेक स्तरों में प्रस्तुत किया गया है. अपने समय के लिए यह एक सार्थक व महत्वपूर्ण कहानी है ही परंतु आज के परिप्रेक्ष्य में इसकी महत्ता और अधिक बढ़ जाती है.
सरकार द्वारा दी जाने वाली चिकित्सा-संबंधी सुविधाओं पर भी प्रश्न-चिह्न करने वाली यह कहानी एक सफल और सोद्देश्य कहानी है.
कहानी की व्याख्या भी की गई.
अगली बार, कृपया आप सभी अगली कहानी पढ़कर आएँ… नवेली और उसकी टोली इसपर अपना प्रस्तुतीकरण देंगी.
धन्यवाद,
विनय

About Vinaye Goodary
senior lecturer in Hindi at the Mahatma Gandhi Institute, moka, mauritius. innovative in teaching using ICT, blogs and multimedia resources. interest in arts, culture, history and literature. शेष तो मैं ही मैं हूँ... स्वागत है.

3 Responses to BA PT Yr 1: Lecture 8 – “चक्कर” कहानी का विश्लेषण + व्याख्या

  1. disha luchun says:

    नमस्ते गुरूजी,
    ‘चक्कर’ कहानी का विशलेषण बखूबि हुआ। आप के समझाने का तरीका अलग है परंतु अच्छा है, कम समय में आप ने सब कुछ समझा दिया और हमारी समझ में भी आयी, कहानी पढ़ने के पश्चत् मूल रूप से पता था कि कहानी में क्या है, प्रस्तुतिकरण के बाद भी पता चला कि कहानी में क्या है, लेकिन आप के समझाने के बाद, ह्में और ज़्यादा समझ में आया, ज्ञात हुआ कि किस प्रकार कहानी की गेहराई में जाकर कहानी की विश्लेषण करनी पड़ती है।

    इस कहानी में जिन जिन समस्याओं की चर्चा की गयी हैं, उन समस्याओं पर सोच विचार करना आवश्यक है, आज भी ऐसी कई परिस्थितियाँ हमारे सामने आते हैं जिनका सामना करना पड़ता है। लेखक ने जीवन के यथार्थ को हमारे समक्ष प्रस्तुत किया है। आज भले ही समय बदल रहा है परंतु इस कहानी में जो जो समस्याएँ हैं, वे अभी तक हमारे सामने आते हैं।

    कक्षा में भले ही कम समय मिलता है, फिर भी आप ने कहानी की व्याख्या इस प्रकार से किया कि कोई भी बात नहीं छूती, अब हम अपनी ओर से और भी खोज कार्य करेंगे और अपना काम आगे बढ़ाऎंगे। आप की कक्षा दूसरी कक्षाओं से अलग रहती है जो अच्छा है, कक्षा में रूची बनी रहती है।

    अगले सप्ताह पराजय कहानी पर हम अपना प्रस्तुतिकरण करेंगे, प्रस्तुतिकरण तयार हो गया था फिर भी हम उसमें थोड़ी सी शोधकार्य करेंगे, उसे और्र बेहतर बनाने का प्रयत्न करेंगे। यदि हम से फिर भी कुछ गलतियाँ हो जाऎं, तो हमें क्षमा कर दीजिएगा….

    धन्य्वाद।
    दिशा।🙂

  2. siddhi says:

    नमस्ते गुरूजी
    कक्षा में आपने चक्कर कहानी का विश्लेशण किया. आपने कम समय में इस कार्य को पूरा किया. पर हमारी समझ में आये पर अगर हो सके तो आप व्याख्या के लिए हमें महत्व्पूर्ण अंश दे दीजिए.
    दुर्भागय की बात है कि आपकी कक्षा दोपहर में है और हम सुबह से mgi में है. कुछ थोडा थक जाते है .
    कोशिश करेंगे कि सक्रियता पूर्वक भाग लें

  3. medhaveenee says:

    नमस्ते गुरूजी
    पिछले सप्ताह कक्षा में आपने चक्कर कहानी का विश्लेशण किया. इस कहानी में जिन जिन समस्याओं की चर्चा की गयी हैं, उन समस्याओं कॊ आपन अच्छि तरिके से समझाया हे . मुझे लगता हे कि ये समस्याए आज भि हे लेकिन कुछ सुडार आ रहि हे आर आशा हे कि हमे स्वास्ट सेवा से लाभ होगा.
    धन्य्वाद।

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