Lecture 13 – काव्य प्रयोजन

Friday 25 Nov 2011, 09.30 – 11.00 

इस बार आपको काव्य प्रयोजन सिखाया गया.

बाद में इस विषय पर विस्तार से लिखूँगा..

अभी के लिए कक्षा के लेक्चर पर ही ध्यान दीजिए और साथ ही सभी से अपेक्षा है कि अपनी तैयारी जारी रखें.

यह विषय पूरा कर दिया गया.

याद रखने वाली बात है कि काव्य प्रयोजन किस उद्देश्य से काव्य लिखा जाता है – यश , स्वात:सुखाय, समाज-कल्याण, आत्म-संतुष्टि, सामाजिक प्रीति, ज्ञान-वर्द्धन आदि…

यह भी याद रखिए कि युग के बदलने के साथ साथ, समाज में परिवर्तन के आने से, काव्य के प्रयोजनों में भी बदलाव आता है.. परंतु यह अंतत: मानवीयता पर ही केंद्रित है.

शेष बाद में.

 

About Vinaye Goodary
senior lecturer in Hindi at the Mahatma Gandhi Institute, moka, mauritius. innovative in teaching using ICT, blogs and multimedia resources. interest in arts, culture, history and literature. शेष तो मैं ही मैं हूँ... स्वागत है.

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